कविता

माँ की गोद

माँ की गोदी स्वर्ग सी,
मिलता सच्चा प्यार।
उसकी ममता से सदा,
महके हर संसार॥

नन्हे सपने आँख में,
मन में भोले भाव।
माँ के आँचल तले मिले,
खुशियों वाले गाँव॥

माँ की उँगली थामकर,
बढ़ते जीवन पाँव।
सच्चाई की राह पर,
मिलता सुंदर गाँव॥

हँसना, खेलना, सीखना,
यही बचपन की शान।
माँ का आशीष साथ हो,
बनता है इंसान॥

— डॉ. प्रियंका सौरभ

*डॉ. प्रियंका सौरभ

रिसर्च स्कॉलर इन पोलिटिकल साइंस, कवयित्री, स्वतंत्र पत्रकार एवं स्तंभकार, (मो.) 7015375570 (वार्ता+वाट्स एप) facebook - https://www.facebook.com/PriyankaSaurabh20/ twitter- https://twitter.com/pari_saurabh