नन्हा दर्जी
नन्हे हाथों में हुनर,
मन में सुंदर आस।
मेहनत से हर काम हो,
जीवन बने उजास॥
चरखा घूमे झूमकर,
सुई करे कुछ काम।
सीख-सीखकर बढ़ रहा,
नन्हा प्यारा राम॥
धागा जोड़े प्यार से,
सपनों की हर बात।
मेहनत जिसके साथ हो,
जीत उसी के हाथ॥
हँसता-खेलता सीखता,
नन्हा मन मतवाला।
कल का सुंदर सपना है,
आज का यह लाला॥
— डॉ. सत्यवान सौरभ
