एक सच्ची मां
एक सच्ची मां
हालातों से लड़ना
उसने मन में ठानी
पति की मौत
जिम्मेदारियों का एहसास
बच्चों के बचपन को
वह उजड़ने नहीं देना चाहती है
सास-ससुर के लिए
सम्पूर्ण श्रध्दा का भाव समेटे हुए
कविता महतो ने
एक वीरांगना की तरह
रणक्षेत्र में कूद पड़ी
झारखंड की होमगार्ड की भर्ती में
लोग क्या कहेंगे
पीछे छोड़कर सब को
पूरी ईमानदारी से
सादे लिबास में
अभावों से भरी जिंदगी को
मात दे दी
पूरी दुनिया
आज एक वीर माता को
सैल्यूट करता है
— जयचन्द प्रजापति ‘जय’
