कविता

कविता

मुस्कुराओ कि सुबह की पहली किरण मुस्कुराती है
फूलों की मुस्कान, पत्तों पर ठहरी ओस
अपनों का स्नेह किसी का आत्मीय संदेश
किसी के मन को छू लेने वाले शब्द,
मुस्कुराने का, संदेश देने आते हैं,
किसी बड़ी उपलब्धि की प्रतीक्षा न करके
खुश रहो, मुस्कुराओ कि ये सभी
जीवन को सुंदर बनाने वाले अनमोल उपहार हैं।

— लीला तिवानी

*लीला तिवानी

लेखक/रचनाकार: लीला तिवानी। शिक्षा हिंदी में एम.ए., एम.एड.। कई वर्षों से हिंदी अध्यापन के पश्चात रिटायर्ड। दिल्ली राज्य स्तर पर तथा राष्ट्रीय स्तर पर दो शोधपत्र पुरस्कृत। हिंदी-सिंधी भाषा में पुस्तकें प्रकाशित। अनेक पत्र-पत्रिकाओं में नियमित रूप से रचनाएं प्रकाशित होती रहती हैं। लीला तिवानी 57, बैंक अपार्टमेंट्स, प्लॉट नं. 22, सैक्टर- 4 द्वारका, नई दिल्ली पिन कोड- 110078 मोबाइल- +91 98681 25244

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