ये हुई न बात
अर्पिता का पहला प्रेम योग था और वह अपना योग स्टूडियो चला रही थी, लेकिन 22 साल की उम्र में एक हादसे ने उसको हमेशा के लिए व्हील चेयर का मोहताज कर दिया. इस हादसे के बाद पहली बार वह दोस्तों के साथ आउटिंग के लिए निकली. लोगों का उसे अजीब निगाहों से देखना उसको खराब लगना ही था! तभी एक बुजुर्ग ने उसके कंधे पर हाथ रखकर धीरे से कहा- “बेटी, आप बहुत मजबूत हो, कि इस हालत में भी दुनिया का सामना करने के लिए बाहर आई हो”. इन्हीं शब्दों के जादू से वह इंडियन स्पाइनल इंजरी सेंटर में बतौर फिजिकल ट्रेनर और योग इंस्ट्रक्टर काम कर रही है. आज वह सफल एथलीट है और समर्पण से योग व काउंसिलिंग के जरिए दूसरों की जिंदगी भी रोशन कर रही है.
उसके समर्पण को देखकर सब कहते हैं- ये हुई न बात!
— लीला तिवानी
