माने उसको जगत सुजान
पढा-लिखाकर राह दिखाये, देते हमको समुचित ज्ञान ।
शिक्षा देकर योग्य बनाये, माने उसको जगत सुजान ।।
मान बढाते हैं शिक्षक का, दिवस मनाना साक्ष्य प्रमाण ।
राधा कृष्णन से शिक्षक ही, करें राष्ट्र का सब निर्माण ।।
दृष्टि दार्शनिक पाकर जिसने, जग में नाम कमाया खूब,
भरा कोष अक्षय विद्या का, बने तभी शिक्षक विद्वान ।
शिक्षा देकर योग्य बनाये, कहे उन्हीं को जगत सुजान ।।
योग्य बनाते जो अनघड़ को, विद्या का देकर के घोल ।
शिक्षक को कहते निर्माता, शिक्षा देते जो अनमोल ।।
वही सिखाते सब बच्चों को, अनुशासन का सच्चा पाठ,
नयी सोच से करे कल्पना, उन्नत होता तब विज्ञान ।
शिक्षा देकर योग्य बनाये, कहे उन्हीं को जगत सुजान ।।
नैतिकता का पाठ पढ़ाये, शिक्षक होता वही महान ।
बोध गम्य शिक्षा देने से, शिशु का बनता सरल रुझान ।।
अपने जैसा निपुण बनाकर, शिक्षक होते बड़े प्रसन्न
ऐसे शिक्षक का ही देखो, पूरा राष्ट्र करे सम्मान ।
शिक्षा देकर योग्य बनाये, कहे उन्हीं को जगत सुजान ।।
— लक्ष्मण लड़ीवाला ‘रामानुज’
