कविता
खुद को इतना भी न छुपाया कर,
अपने होने का अहसास न मिटाया कर,
सफलता का सेहरा कोई लाकर न देगा,
खुद को बुलंद कर अपने तकदीर को चमकाया कर।
दर्द तो हीरा मोती है,दर्द में आंसू न बहाया कर,
काम लें अपने होंठों से और हर हालात में मुस्कुराया कर।
विपरित परिस्थितियों में तू न घबराया कर,
ये वक्त है , ठहरता नहीं बस तू धैर्य दिखाया कर,
लौटकर फिर आएगा तेरा वक्त
बस तू अपना सही कर्म किया कर।
— मृदुल शरण
