कविता

प्रथम आलिंगन

कितना जरूरी होता है
प्रथम आलिंगन…
दो अजनबी लोगों की
आत्मा की तृप्ति के लिए।
वो! चाहे फिर प्रेम हो
या फिर दोस्ती में…
दो अजनबियों को
और पास लाकर
रिश्तें की गहराई को
बताता है प्रथम आलिंगन।
खुशनसीब होते हैं
वो! इंसान… जो
प्रथम आलिंगन के,
खूबसूरत अहसास से
गुजरकर अपने रिश्ते की
नीव को..
मजबूती की दीवारें देते हैं।

— निधि ‘मान सिंह’

निधि 'मान सिंह'

जन्म- तिथि: 01 जून पिता- श्री राधेश्याम माता - श्रीमती कमलेश देवी पति: डॉ. मानसिंह शिक्षा: एम. ए (हिन्दी), बी. एड. प्रकाशित पुस्तक नीली झील (काव्य संग्रह), कुएं का भूत (बाल कहानियां), जयपुर की सैर (बाल कविता संग्रह) आनें वाला विधा- कविताएँ, आलेख, बाल कविताएं एवं बाल कहानियां, लघुकथाएं। प्रकाशित रचनाएँ इन्दौर समाचार, दक्षिण समाचार प्रतीक्षा (हैदराबाद), अभ्युदय पत्रिका (भोपाल), बाल अखबार टाबर टोली (हनुमानगढ़, राजस्थान), सिंगापुर से प्रकाशित सिंगापुर संगम पत्रिका, हरियाणा साहित्य प्रदीप (गुरुग्राम), मानवी पत्रिका, दैनिक दर्पण साहित्य पत्र, साहित्य पत्रिका रीवा, उन्मुक्त पत्रिका (कोलकाता), नव उदय पत्रिका, पंखुड़ी पत्रिका। पुरस्कार श्री माखन लाल चतुर्वेदी नव उदय साहित्यकार पुरस्कार-2025 सम्मान बाल साहित्य में उल्लेखनीय सेवाओं के लिए राजस्थान साहित्य परिषद्, हनुमानगढ़ की ओर से टाबर टोली सम्मान- 2025 संत मीराबाई साहित्य सम्मान - 2026 बृजलोक साहित्य कला संस्कृति अकादमी से सम्मानित (2022) आगमन एक खुबसूरत अहसास सम्मान 2026 पता: डॉ. मानसिंह, विशनगढ़ कॉलोनी, अम्बाला रोड, कैथल-136027 (हरियाणा) ईमेल: nidhisinghiitr@gmail.com