स्वभाव
कुछ लोगों का स्वभाव
आनुवंशिक रूप से संचालित होता है,
कोई खुशमिजाज रहता है,
कोई झगड़ालू होता है,
तो कोई बात बात पर रोता है,
कुछ लोगों के स्वभाव के लिए
भरपूर जिम्मेदार होता है पद,
वो अपनों से,
साथियों से,
छोटों, बड़े बुजुर्गों से भी,
बहुत ऊंचा मान लेता है अपना कद,
कभी कभी कुछ आभासी किरदार वाले
मान लेते हैं अपने आप को बहुत बड़ा,
वो मुगालते में तब तक रहेंगे
जब तक फूट न जाए घमंड का घड़ा,
इंसान को इंसान न मानने वाले लोगों,
समान को समान न मानने वाले लोगों,
जरा अपनी स्थिति देख कर अंदाजा लगाओ कि
खड़े हो कीचड़ में
या फिर पड़े हो गटर में।
— राजेन्द्र लाहिरी
