मॉं ईश्वर का एक रूप
मॉं जब-जब हॅंसती है,
बड़ी ही प्यारी लगती है,
जादू भरी उसकी मुस्कान,
हर गम मेरा हर लेती है ।
मॉं जब भी मुस्कुराती है,
घर में खुशियॉं छा जाती है,
स्नेहिल उसकी मुस्कान,
मन को ठंडक पहुॅंचाती है ।
मॉं का आशीर्वाद झलके,
खुशी में भीगती पलकें,
वरदान उसकी मुस्कान,
“आनंद” अशेष छलकें ।
मॉं भले ही कुछ ना कहे,
पर सदा मुस्कुराती रहे,
मधुरिम उसकी मुस्कान,
अनवरत अविरल बहे ।
मॉं ईश्वर का एक रूप,
बरसाती प्यार अनूप,
जन्नत उसकी मुस्कान,
सुंदरतम सलोनी धूप ।
— मोनिका डागा “आनंद”
