कविता

कविता – मेरा जीवन मिशन

जीवन मेरा केवल जीना,
खाना-पीना, सोना नहीं,
मानवता की राह पकड़कर
बस अपने तक होना नहीं।
ज्ञान बाँटना, दीप जलाना,
अंधियारे को दूर करूँ,
गिरते हुए हर इक इंसां को
हिम्मत देकर मजबुत करूँ।
मेहनत मेरी पूजा बनकर
हर दिन नया संदेश लिखे,
सच्चाई की राहों पर चल
मन में उजली परिवेश दिखे।
नफरत की दीवार गिराकर
प्रेम का सुंदर सेतु बनाऊँ,
पीड़ित, शोषित, हर जन-मन में
आशा कि विश्वास जगाऊँ।
मेरा जीवन मिशन यही है—
सबके हित में कर्म करूँ,
अपने सपनों के संग-संग
देश और समाज का नाम करूँ।
जब तक साँसें साथ रहेंगी,
सेवा का दीप जलाऊँगा,
मानव होकर मानवता का
सच्ची अलख जगाऊंगा।

— शैलेश कुमार ‘विद्रोही’

शैलेश कुमार 'विद्रोही'

जिला मुंगेली छ ग 9340741970