बाल गीत- सबसे प्यारी मेरी नानी
कभी न कहें जो ‘ना’ वो नानी है,
नाना-नानी की गोदी प्यारी,
मिलतीं वहाँ मनचाही चीजें,
नखरे उठाती नानी हमारी।
नानी का घर सबसे प्यारा,
खूब मजे में दिन को बिताते,
सुबह-सुबह हम झूला झूलें,
सैर-सपाटे पर फिर जाते।
ताजा-ताजा मक्खन मिलता,
दूध-मलाई और मिठाई,
नए-नए खिलौने मिलते,
न ही डांट और न ही पिटाई।
मोबाइल से दूर ही रहती,
रोज सुनाती नई कहानी,
उसकी गोद है प्यारी लगती,
सबसे प्यारी मेरी नानी।
— लीला तिवानी
