कविता

बच्चा बनकर रहूं

दिल करता हैं हमेशा बच्चा बनकर रहूं
सबकी खुशी का किस्सा बनू
मेरी मुस्कान सबके चेहरे की मुस्कान बने
मेरी उदासी सबके चेहरे की उदासी बने
मैं जो रूठ जाऊ तो सब मनाए
मैं जो सो जाऊं तो सब उठने का इंतजार करें
दिल करता हैं हमेशा बच्चा बनकर रहूं
मेरे होने से ही सबके जीवन में खुशियां हो
मैं जो दूर चली जाऊं तो सब आने का इंतजार करे
लोगों के जीवन की खुशी बन जाऊ
सदा मुस्कराऊ, सदा दूसरों की खुशी का जरिया बनू

— गंगा मांझी

गंगा मांझी

ग्वालियर, मध्य प्रदेश

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