कविता
आँसू केवल पानी नहीं,मन की गहरी जुबान हैं
इनमें छिपे अनकहे दर्द,जीवन की सच्ची पहचान हैं
एक बूँद में सागर जितनी संवेदनाएँ समाई रहती हैं
इसीलिए ये दुनियाँ की सबसे अनमोल निशानियाँ हैं
जब किसी की पलकों से चुपचाप मोती ढलते हैं
तब शब्द नहीं,दिल के घायल अध्याय खुलते हैं
मुस्कानों के पीछे कितने तूफ़ान छिपे होते हैं
यह बात वही समझे,जो रिश्तों को सच में पढ़ते हैं
किसी के आँसू का कारण बनना सबसे बड़ा अपराध है
करुणा और प्रेम ही मानवता का सच्चा संवाद है
बोलो ऐसे शब्द कि दिलों में मरहम उतर जाए
कटु वचन से बचना ही जीवन का सबसे बड़ा प्रसाद है
बोलने से पहले सौ बार मन में विचार जगाइए
अपने व्यवहार से हर चेहरे पर विश्वास सजाइए
यदि किसी की आँखों में मुस्कान खिला सकते हों
तो आँसुओं की जगह खुशियों का दीप जलाइए
याद रखो,आँसू में केवल एक प्रतिशत जल नहीं बहता,
निन्यानवे प्रतिशत पीड़ा और भावनाओं क़ा दर्द ही रहता
किशन हर हृदय को सम्मान और अपनापन दीजिए,
किसी के आँसू नहीं,उसकी मुस्कान का कारण बनिए।
— किशन सनमुखदास भावनानी
