चौपाई छंद
कागज ले बैठी शरमाती।
लिख दूँ प्रियतम को मैं पाती।।
अँसुवन धारा रोक न पाऊँ।
आखर-आखर प्रेम जताऊँ।।
बाट निहारूँ विरहन निश-दिन।
हाल सुनाऊँ सजना पल-छिन।।
चिट्ठी प्रियतम आस जगाएँ।
दिल की सरगम साज सजाएँ।।
कागज ले बैठी शरमाती।
लिख दूँ प्रियतम को मैं पाती।।
अँसुवन धारा रोक न पाऊँ।
आखर-आखर प्रेम जताऊँ।।
बाट निहारूँ विरहन निश-दिन।
हाल सुनाऊँ सजना पल-छिन।।
चिट्ठी प्रियतम आस जगाएँ।
दिल की सरगम साज सजाएँ।।