चाहत
बहुत ढूंढा मिल जाये तुझ सा कोई
सच तो यह है
दूजा न बनाया कोई तुझ सा खुदा ने
मुझे चाहत थी तेरी
या फिर कोई होता तुझ सा
मैं नाकाम रहा
न तू मिला
न मिला तुझ सा कोई
बहुत ढूंढा मिल जाये तुझ सा कोई
सच तो यह है
दूजा न बनाया कोई तुझ सा खुदा ने
मुझे चाहत थी तेरी
या फिर कोई होता तुझ सा
मैं नाकाम रहा
न तू मिला
न मिला तुझ सा कोई