डिफॉल्ट

अभिव्यक्ति

विधा- कविता
शीर्षक- अभिव्यक्ति

अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता बहुत जरूरी है,
पर स्वतंत्रता स्वतंत्रता है, स्वच्छंदता नहीं,
अपने-अपने धर्म को मानना स्वतंत्रता है,
आजादी अभिव्यक्ति की बेलगामता नहीं।

मन के विचार लिखने बैठूं, सोच में पड़े कलम,
क्या लिखूं, किस विधा में लिखूं, कहाँ करूं खत्म,
मन की भावनाओं को सच्चाई से व्यक्त करूं,
या कटु सत्य से किनारा करूं, दोनों ही हैं अगम!
स्वरचित और मौलिक
लीला तिवानी
सम्प्रति ऑस्ट्रेलिया

*लीला तिवानी

लेखक/रचनाकार: लीला तिवानी। शिक्षा हिंदी में एम.ए., एम.एड.। कई वर्षों से हिंदी अध्यापन के पश्चात रिटायर्ड। दिल्ली राज्य स्तर पर तथा राष्ट्रीय स्तर पर दो शोधपत्र पुरस्कृत। हिंदी-सिंधी भाषा में पुस्तकें प्रकाशित। अनेक पत्र-पत्रिकाओं में नियमित रूप से रचनाएं प्रकाशित होती रहती हैं। लीला तिवानी 57, बैंक अपार्टमेंट्स, प्लॉट नं. 22, सैक्टर- 4 द्वारका, नई दिल्ली पिन कोड- 110078 मोबाइल- +91 98681 25244

Leave a Reply