अभिव्यक्ति
विधा- कविता
शीर्षक- अभिव्यक्ति
अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता बहुत जरूरी है,
पर स्वतंत्रता स्वतंत्रता है, स्वच्छंदता नहीं,
अपने-अपने धर्म को मानना स्वतंत्रता है,
आजादी अभिव्यक्ति की बेलगामता नहीं।
मन के विचार लिखने बैठूं, सोच में पड़े कलम,
क्या लिखूं, किस विधा में लिखूं, कहाँ करूं खत्म,
मन की भावनाओं को सच्चाई से व्यक्त करूं,
या कटु सत्य से किनारा करूं, दोनों ही हैं अगम!
स्वरचित और मौलिक
लीला तिवानी
सम्प्रति ऑस्ट्रेलिया
शीर्षक- अभिव्यक्ति
अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता बहुत जरूरी है,
पर स्वतंत्रता स्वतंत्रता है, स्वच्छंदता नहीं,
अपने-अपने धर्म को मानना स्वतंत्रता है,
आजादी अभिव्यक्ति की बेलगामता नहीं।
मन के विचार लिखने बैठूं, सोच में पड़े कलम,
क्या लिखूं, किस विधा में लिखूं, कहाँ करूं खत्म,
मन की भावनाओं को सच्चाई से व्यक्त करूं,
या कटु सत्य से किनारा करूं, दोनों ही हैं अगम!
स्वरचित और मौलिक
लीला तिवानी
सम्प्रति ऑस्ट्रेलिया
