मेहनत और सीख
नन्हे हाथों में छुपा, सपनों का संसार।
मेहनत से ही खिल उठे, जीवन का हर द्वार।।
सूरज रोज़ सिखा रहा, उठकर करना काम।
आलस से जो दूर रहे, ऊँचा उसका नाम।।
माँ की मीठी बात में, छिपी बड़ी सीख।
प्यार बाँटता जो सदा, रहता मन में ठीक।।
पेड़ लगाएँ प्रेम से, धरती का सम्मान।
हरी-भरी इस धरा से, सुंदर हो संसार।।
सच बोलें, अच्छा करें, रखें सरल व्यवहार।
ऐसे बच्चे बनें हम, जिन पर हो परिवार।।
खेल-कूद और पढ़ाई, दोनों हैं अनमोल।
समय मिले तो खेलिए, ज्ञान रखिए मोल।।
गुरुजन का सम्मान हो, माता-पिता का मान।
अच्छे संस्कारों से ही, बनता जीवन महान।।
— डॉ. सत्यवान सौरभ
