तिरंगे की शान में भारत की पहचान
नीले आसमान में लहराया, तिरंगे का अभिमान,
खेलों के इस महाकुंभ में, चमक रहा हिंदुस्तान।
मेहनत की हर एक बूंद ने, इतिहास नया रचाया,
इक्कीस स्वर्ण पदकों ने, भारत का मान बढ़ाया।
हॉकी के मैदान में फिर गूंज उठा भारत का नाम,
मलेशिया को ‘हरा’, खिलाड़ियों ने किया कमाल।
पाँच-एक की शानदार जीत तिरंगे की है पहचान,
हर गोल के साथ बढ़ते गया देश का स्वाभिमान।
यूं कभी कुश्ती के अखाड़े में, दमखम दिखाते हैं,
कभी हॉकी की स्टिक से, प्रतिद्वंद्वी को हराते हैं।
अमन की मेहनत ने भी ये दुनिया को दिखलाया,
संघर्षों की राह पे चलकर, स्वर्णिम मुकाम पाया।
(संदर्भ – एशियाई खेलों में भारत की शानदार जीत)
— संजय एम तराणेकर
