करवा चौथ : प्रेम और विश्वास का पर्व
चाँदनी रात, सजी थाली, हाथों में मेहँदी, मुख पे लाली,
सोलह श्रृंगार से सजती सुहागिन, प्रेम मूरत मनभावन।
करवा चौथ पावन त्योहार, पति-पत्नी प्रेम का आधार,
निर्जल व्रत रखती नारियाँ,आँखों में सपने मन में प्यार।
पूजा की थाली, दीप ज्योति, चाँद पहले पति की मूरत,
छलनी से देखें चाँद का नूर, प्रेम रिश्ते हों सदा भरपूर।
चाँद निकलता, खिलते हैं चेहरे, प्रेम के रंग लगते गहरे,
पति के हाथों जल ग्रहण, सुखी जीवन कामना करतीं।
ये व्रत नहीं सिर्फ परंपरा का नाम, बसा है प्रेम सम्मान,
साथ निभाने सत्य संकल्प, श्रद्धा महके जीवन कल्प।
सुख-दुख दोनों बनें सहारा, प्रेम से रोशन जीवन सारा,
करवा चौथ का संदेश यही, रिश्तों में प्रेम बसे सही है।
— संजय एम तराणेकर
