बसंत बहार
पलाश की तलाश मेंलाल रंगो की रंगत में,उपवनों मेंएक कहानी लिखी जा रही है,एक जिंदगानी खुशियों कीगीत गा रही हैं,जीवन
Read Moreएक दिन काम से लौटते समय पत्नी का फोन आया, वो कुछ सब्जी लाने के लिये बोली। आगे बाजार में
Read Moreमौत के बिस्तर पर पड़ेउम्र के उस मोड़ पर कब शरीर साथ हमाराछोड़ दे,बच्चे तो साथ नहींउनके रुतबे के हिसाब
Read Moreएक गीत हो जायेहृदय के समर्पण पर,पथिक इस जीवन काबिखर जाये कब ये तन, एक गीत हो जायेमृत्य के आसन
Read Moreकिताब हूं, पढ़ने वाला कोई नहीं लिखने के नाम पर अब तक करोड़ो किताबे छप चुकी हैं, बस गिनती के
Read Moreकितने में बिका तू जरा अपना दाम बताना, अब तेरा वजूद मिटा फिर कैसा शर्माना, बस मुल्यों का फर्क रहता
Read Moreचार राज्यों के नतीजा 3 दिसंबर को नतीजे आ चुके थे, भारतीय जनता पार्टी के कार्यकर्ता खुशी मना रहे थे, मगर
Read Moreगजब का कहानी है, उस दौर में, अंधे राजा के दरबार में आबरू लूटने की कोशिश में महाभारत तक हो
Read Moreबात आधुनिक कवि की हो रही हैं, पहले कवि वाद और रस पकड़ कर चलते थे। हिंदी वालों के लिये
Read Moreनिकाय चुनाव के पहले चरण वोटिंग के बाद एक सुनसान चुनावी कार्यालय पर नजर गया, जहां चुनाव से पहले देशी घी
Read More