बसंत तुम कहाँ हो
हे बसंत तुम कहां कलियों की पुकार सुनो भ्रमर का भ्रमण हुआ तितलियों का अवतरण हुआ हे बसंत तुम कहां
Read Moreहे बसंत तुम कहां कलियों की पुकार सुनो भ्रमर का भ्रमण हुआ तितलियों का अवतरण हुआ हे बसंत तुम कहां
Read Moreपुराने समय की बात है …दादी प्लीज़ ठहरों मुझे आज राजा रानी की कहानी नहीं सुननी है मुझे तो आज
Read Moreकाले घने बादलों से आच्छादित मेघों से घिरे आसमान से गिरती रिमझिम फुहार से धरती गोद में अंकुर के प्रस्फुटित
Read Moreविश्वनाथ घर में अकेले ही रहते हैं । बच्चे विदेश में अपनी ही दुनिया में मग्न । विश्वनाथ ने घर
Read Moreअवकाश प्राप्त प्रोफेसर हूँ लेकिन दीवाल घड़ी पर नज़र बर बस चली ही जाती है सुबह होते ही लगता कालेज
Read Moreराजनिति की मारी ये जनता बेचारी आलू-प्याज ने इसकी कमर तोड दी सारी अच्छे दिन का ख्वाब देखना बंद कर
Read Moreकालीनों पर नहीं चलती ये औरतें नरम गद्दो पर नहीं सोती ये औरते कंकरीले पथ पर चलती हैं इमारतें यूं
Read Moreदहलीज पर पैर रखते ही चाचाजी ऊँची आवाज़ में माँ पर बरस पड़े । भाभी….. …आप नहीं जानती मौहल्ले वाले
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