मन…
बहुत सोचता है मन क्या लिखे क्या न लिखे असमंजस के घेरे में मन में जन्म लेते कई सवाल!! कहीं
Read Moreमेरे जीवन की अनकही जीवंत तस्वीर रंगहीन, सफेद, उदासी की पोशाक ओढ़े अपने अधूरेपन वैराग्य के भाव में लिप्त थमी-थमी
Read Moreकुछ रिश्ते आभासी होते हुए भी गढ़ लेते हैं मन के आंगन में प्रेम का ताजमहल…. जज्बातों की कोमल नींव
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