यादों का कारवां…
शाम ढ़लते ही तुम्हारे यादों का कारवां प्रेम की धुन में झूमता हुआ मेरे अंतस में समा जाता है और
Read Moreशाम ढ़लते ही तुम्हारे यादों का कारवां प्रेम की धुन में झूमता हुआ मेरे अंतस में समा जाता है और
Read Moreवक़्त ने हमें बहुत गम दिए फिर भी हम मुस्कुराते रहे न चाहा कभी जिंदगी से ज्यादा कुछ जो मिला
Read Moreशाम सवेरे धुन में तेरे खोई रहती मैं मतवाली लिपट लिपट कर यादें तेरी व्याकुल मुझको कर जाती होश हवास
Read Moreतेरी इनायत जो हुई मेरी निगाहों पे झंकृत हो उठे दिल के तार सारे नम्र स्पर्श वो तुम्हारी नज़रों का
Read Moreबेचैन आँखों को तलाश है तुम्हारी एक झलक पाने की निहार रही हूँ राहे कब से तुम्हारे लौट आने की
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