प्रेम
प्रेम इतना भी आसान नहीं जितना सभी समझते हैं प्रेम में उतारकर मुखौटा आईना बनना पड़ता है आज चार बातें
Read Moreहमसे बिछड़कर गम उनका भी कम न होगा ये बात और है कि वो जताते नहीं ये हवाएं जरूर एहसास
Read Moreप्रेम में डूबी स्त्री खोल देती हैं एक-एक कर अपने मन में पसरे मौन की परतें को वह अपने भीतर
Read More