कहानी – मश्विरे का आशीर्वाद
भारत-पाकिस्तान सीमा पंजाब के एक गांव का ज़मीदार (किसान) राज सिंह। तीन कमरों वाला छोटा-सा ग्रामीण घर। करीब पांच एकड़
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Read Moreशाम सवेरे आती थी वह चिड़िया किधर गई। गीत खुशी के गाती थी वह चिड़िया किधर गई। गहरा अपनत्त्व बना
Read Moreतेरे नयनों का भव्य सम्मान है बरसात का मौसम। चमकती रौशनी की शान है बरसात का मौसम। वियोगी वेदना रोचक
Read Moreगुरदासपुर से लगभग छह किलोमीटर दूर गांव बहादुर के बाहरी ओर ‘बेट क्षेत्र’ में स्थित है गुरूद्वारा माता सुन्दरी जी।
Read Moreचढ़ आईं घोर घटाएं काली काली। फूलों के संग झूम रही डाली-डाली। अंधेरा छा गया रे। सावन आ गया रे।
Read Moreमैंने जब होश संभाला बचपन की सरिता पार कर चुका था समझ को छोटे-छोटे पंख लग चुक थे पिजा जी
Read Moreशहीदी दिवस 25 जून बाबा बंदा सिंह बहादुर सिख इतिहास में तथा भारतीय इतिहास में गगन में ध्रुव तारे की
Read More‘साहिब, लड़की बहुत सुन्दर है, जिस्म की बनावट देखें, सौष्टव खिली हुई ताज़ा गुलदाऊदी, जनाब, कितना रंग रूप चढ़ा हुआ
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