ग़ज़ल
आ गई बरसात सावन आ गया। सुबह में भी रात सावन आ गया। चमकती हैं बिजलियां ठंडी हवा, घूंघट में
Read Moreमैंने जब होश संभाला बचपन की सरिता पार कर चुका था समझ को छोटे-छोटे पंख लग चुक थे पिजा जी
Read Moreशहीदी दिवस 25 जून बाबा बंदा सिंह बहादुर सिख इतिहास में तथा भारतीय इतिहास में गगन में ध्रुव तारे की
Read More‘साहिब, लड़की बहुत सुन्दर है, जिस्म की बनावट देखें, सौष्टव खिली हुई ताज़ा गुलदाऊदी, जनाब, कितना रंग रूप चढ़ा हुआ
Read More(शहीदी दिवस 14 जून पर विशेष) जून का महीना गर्मी थी कहर की। तपती थी ध्ूप सिर पर दोपहर की।
Read Moreबुढ़ापा किसी वर्ग का भी हो बुढ़ापा तो बुढ़ापा होता है। केवल सुविधाओं का फर्क होता है। भौतिक तौर पर
Read Moreचिन्ता अंतर्मुखी बहिर्मुखी वेदना है। संसार में चिन्ता दो तरह की पाई जाती है। एक अंतर्मुखी तथा दूसरी बहिर्मुखी। अंतर्मुखी
Read Moreवैसे तो समस्त देशों में रिक्शा चालक पाए जाते हैं। परंतु अलग-अलग देशों में अलग-अलग सुविधएं और समस्याएं होती हैं
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