ग़ज़ल
चांद ग्रह लेने, आफताब तुमसे लेना है। छोटी-छोटी बात का हिसाब तुमसे लेना है। वंचित की हैं तुमने जवान ट्टतुएं,
Read More(शहीदी दिवस 14 जून पर विशेष) जून का महीना गर्मी थी कहर की। तपती थी ध्ूप सिर पर दोपहर की।
Read Moreबुढ़ापा किसी वर्ग का भी हो बुढ़ापा तो बुढ़ापा होता है। केवल सुविधाओं का फर्क होता है। भौतिक तौर पर
Read Moreचिन्ता अंतर्मुखी बहिर्मुखी वेदना है। संसार में चिन्ता दो तरह की पाई जाती है। एक अंतर्मुखी तथा दूसरी बहिर्मुखी। अंतर्मुखी
Read Moreवैसे तो समस्त देशों में रिक्शा चालक पाए जाते हैं। परंतु अलग-अलग देशों में अलग-अलग सुविधएं और समस्याएं होती हैं
Read Moreमेरे एक मित्र ने घर निर्माण का कार्य आरम्भ किया हुआ था। घर में लक्कड़ का काम शुरू करवाना था।
Read Moreहरदीप सिंह रिश्तेदारी से मेरे अंकल लगते थे। वह उच्च सरकारी पद पर थे। सख़्त तबीयत, रिश्वतख़ोर, मुँहफट तथा पढ़ाई-लिखाई
Read Moreमहकमे के किसी अनिवार्य काम के लिए मुझे सीमावर्ती एक गांव में जाना था। यह गांव मेरे शहर से लगभग
Read Moreहोली का त्योहार समस्त भारत वर्ष में ही नहीं बल्कि विदेशों में भी धूमधाम एवं श्रद्धा से मनाया जाता है।
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