द्रोपदी
सुनो द्रोपदी करता चीर हरण दुशासन पट्टी बांधे बैठे धृतराष्ट्र नज़र झुकाये भीष्म पितामह बड़े बड़े सभी योद्धा मूक बनें
Read Moreकर्म कर बंदे चिंता को तू छोड़ क्या होगा किस पल में सब लिख रख दिया कुंडली में तेरी विधाता
Read Moreसावन के वो गीत कहाँ हंसी ठिठोली अब है कहाँ मायके में आना सहेलियों के संग मिलना पेड़ों पर पड़े
Read Moreकैसी तेरी अबूझ कहानी लगा बूझने जिसे सब कोई तेरी यह कहानी कोई व्रत रखे कोई जप करे कोई हज़
Read Moreजब भी मैं अपने पर हँसता हूँ लगता है कुछ हल्का हो रहा हूँ लोग देख मुझ पर हँसते हैं कुछ फब्तियां कसते
Read Moreजगत मेँ दिखती दो ही की माया इक ईश्वर इक पैसा इक अदृश्य इक दृश्यवान आज पैसा हुआ ईश्वर से बड़ा पैसे के आगे झुकती दुनियां पैसे से सब
Read Moreआँखों के रास्ते चलते हुए चुपके से दिल में आ बैठ गए और ऐसे बैठे कि कब्ज़ा ही कर लिया इस दिल पर जो था कभी मेरा अब
Read Moreराम कृष्ण हरि 🙏 माऊली माऊली माऊली🙏 आस्था और श्रद्धा का उमड़ता सैलाब. आषाढी एकादशी का महाराष्ट्र में बहुत महत्व
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