रोते बादल
सारी रैना रोते बादल । घूमा करते हैं, आवारा । जैसे कोई गम का मारा । थक कर फिर ये
Read Moreमुझमें अवगुण भी संभव हैं, मैं कोई भगवान नही हूँ ! उगकर, सूरज भी ढलता है । सुख के संग
Read Moreआज फुटपाथ बहुत सूने हैं , किसी नेता का आगमन होगा । धूप में खींचता सवारी है। धूप से भूख
Read Moreमुद्दा इससे गंभीर बने ,पूरा भारत कश्मीर बने । दिल्ली ! सत्ता का मोह त्याग ! है वक्त अभी
Read Moreजंग लगे सारे विधान हैं , नव परिवर्तन लाना होगा ! शेरों को चिड़िया घर दे दो, बंदर वन पे
Read Moreउस उपवन को जल देकर ,वृथा समय बरबाद न कर! जिस उपवन में केवल काँटे वाले पेड़ पनपते हों ।
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