डर लगता है
डर लगता है तन्हाई में फिर से लौट न जाऊँ मैं । मुझे नहीं मालूम, जमाने का दस्तूर पुराना है।
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Read Moreसोने जैसा खरा नही हूँ । पर इतना भी बुरा नही हूँ । मुद्दों को मत मीत बढ़ाओ , मत
Read More* ऐ मेरी देश की बहरी सरकार ! भला कब तक तू निंदा का राग यूँ अलापेगी? क्लीव हो चुके
Read Moreवो मेस वाला लड़का ,जो खाना लेकर आता है। मेरे मन में वो ढेरो सवाल छोड़ जाता है । अभी
Read Moreविश्व में हर जगह फैला प्रदूषण है , महामारी फैलती रोगो की भरमार है । नदियाँ सीमायें लाँघ बस्तियाँ बहा
Read Moreशारदे! माँ शारदे! माँ शारदे! माँ शारदे ! जगतजननी कवि सुवन को कल्पना संसार दे ! अखिल जग का तम
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