कविता – माँ की सीख
तड़प उठती है माँ सुन बच्चे की चीख । सीने से लगाकर माँ जीने की देती सीख ।। वो माँ
Read Moreतड़प उठती है माँ सुन बच्चे की चीख । सीने से लगाकर माँ जीने की देती सीख ।। वो माँ
Read Moreमाँ की परवरिश का नही कोई मोल माँ ही तो है, पहली गुरु अनमोल अशिक्षा अंधेरा तो उजाला है शिक्षा
Read Moreमाँ तो है सीप का मोती माँ हीं नेह का बीज बोती । सर पर रख देती है पल्लू जब-
Read Moreजंगल के राजा शेर ने एक सभा बुलाई । प्रहलाद की भक्ति होली की बात बताई ।। हम सभी खेलेंगे
Read Moreलल्ला के गाल रंग से हुए लाल । गली – गली में मचा रहे धमाल ।। उडा रहें गुलाल लगा
Read Moreप्रेमरंग की बौछार रंगपंचमी सद्भाव की बहार रंगपंचमी । आनंद मय हो जीवन हमारा ऐसी शुभकामना है रंगपंचमी ।। गेर
Read Moreबड़ा सुहावना लगता माह जून संग लाता यह अपने मानसून । मौज-मस्ती छोड़ो चलों स्कूल बादलों में छिपे सन और
Read Moreचलो पापा चलो स्कूल चलो मम्मी चलो स्कूल आ गया जून का महिना खुल गए सरकारी स्कूल ।। हमारी मंजिल
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