पेड़ हैं तो हम हैं
आओं हम पेड़ लगाएधरा हरी – भरी बनाएं ।की जो गलतियां हमनेउसका पश्चाताप मनाएं ॥ आओं हम पेड़ लगाएंखट्टे –
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Read Moreपर्यावरण के सामने , संकट है गंभीरप्रदूषित हो गए है आज हवा,थल,नीर ।। चला रहें पेडों पर ऑरी,कुल्हाड़ी,तीरस्वार्थ में खो
Read Moreसूर्य प्रचंडता की बढ़ी उच्च डिग्री लू लपेट संग लग रही गर्मी । पेड़ो से गुम हो गई है छांव
Read Moreकोटि – कोटि नमन है, बुध्द तुमको सुख-शांति-सहनशीलता दो सबको । अहिंसा परमों धर्म बन जाएं सबका स्वच्छ स्वस्थ बना
Read Moreघर से निकले सिद्धार्थ राजपाठ का छोड़ स्वार्थ । बोधिसत्य की खोज में दिया संदेश करों परमार्थ ।। सिध्दार्थ से
Read Moreवैशाख माह की पूर्णिमा बुद्ध पूर्णिमा कहलाती। महात्मा बुद्ध को इसी दिन प्राप्त हुआ ज्ञान यह बतलाती।। वैशाख शुक्ल पूर्णिमा
Read Moreमहामाया,गौरवर्ण लिए मुख पर कांति महागौरी शीतल मन सकल हैं, शांति अष्टम रुप महागौरी । चतुर्भुजा,वृषभ सवारी आलौकिक सिद्धि शक्ति श्रीफल का नैवेद्य प्रिय देती
Read Moreसप्तमस्वरूप भयानक धरा माँ कालरात्रि त्रिनेत्रा, चमकीली मालाधारी माँ कालरात्रि । आधि-व्याधि से जलती काया को तृप्त करें दैत्य – दानव
Read Moreरुप सौन्दर्य लिए अद्वितीय आभा स्कंद कुमार कार्तिकेय की माता । चार भुजा कमलासन पर विराजे पुत्र नाम से कहलाई
Read Moreमन को भाएं , चैती का चांद नववर्ष का होए शंखनाद । जगत-जननी के है। नवरात्र प्रकृति लाई बसंत उन्माद
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