मुक्तक
ज़िन्दगी से भी मूल्यवान होता है नारी का सतीत्व पाशविकता का प्रमाण देता जमाना लूटता अस्तित्व बन बेटी बहू माता
Read Moreजो नही आता क्यों उसी का इंतजार करता है ये दिल याद उस बेवफा की कर क्यों बेपनाह रोता है
Read Moreआज भी जिन्दा मासूम बचपन खंगालो मन । लेते जनम नित नए सपने बालक मन । नन्हा शैशव संसारी चाकचिक्य
Read Moreज़िन्दगी की दौड़ में रास्ते बदल जाते हैंरास्ते में कुछ अंजान हमसफ़र मिल जाते हैंदेते हैं कुछ प्यार और ममता का झूठा
Read Moreप्रेम की परिभाषा ………कभी विरह तो कभी मिलन ………नए तराने नए अफ़साने ………वो उलझे रिश्ते आये न जो तुम ………कभी सुलझाने वो भूले
Read Moreजहां हमारा मन जाकर बार-बार अटक जाता है, मन को कुछ खोने का डर और मिलने की आस लगी रहती
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