मरजीना का लोकार्पण
जुलाई 18, 2022 को संध्या 6 बजे ‘पृथ्वी ललित कला एवं सांस्कृतिक केंद्र’, सफ़दरजंग एन्क्लेव, नई दिल्ली में ‘मरजीना’ (क्षणिका-संग्रह)
Read Moreजुलाई 18, 2022 को संध्या 6 बजे ‘पृथ्वी ललित कला एवं सांस्कृतिक केंद्र’, सफ़दरजंग एन्क्लेव, नई दिल्ली में ‘मरजीना’ (क्षणिका-संग्रह)
Read More1. भोर होते ही हड़बड़ाके जागी, धूप आलसी। 2. आँखें मींचता भोरे-भोरे सूरज जगाने आया। 3. घूमता रहा सूरज निशाचर
Read More1. दे गया दग़ा रंगों का ये मौसम, मन है कोरा। 2. गुज़रा छू के कर अठखेलियाँ मौसमी-रंग। 3. होली
Read Moreभारत कोकिला सरोजिनी नायडू ने 24 दिसम्बर 1914 को श्री गोपाल कृष्ण गोखले को एक पत्र लिखा था। पत्र में
Read Moreकभी अधिकार के लिए शुरु हुई लड़ाई हमारी ज़ात को ज़रा-सा हक़ दे गई बस एक दिन, राहत की साँसें
Read Moreलता मंगेशकर का मतलब मेरे लिए है उनका गाया गीत ”चुप-चुप खड़े हो ज़रूर कोई बात है…।” यह गाना मेरी
Read More1. पीली सरसों आया है ऋतुराज ख़ूब वो खिली। 2. ज्ञान की चाह है वसन्त पंचमी अर्चन करो। 3. पावस
Read More1. मरजीना *** मन का सागर दिन-ब-दिन और गहरा होता जा रहा दिल की सीपियों में क़ैद मरजीना बाहर आने
Read Moreमैं बुरी हूँ कुछ लोगों के लिए बुरी हूँ वे कहते हैं- मैं सदियों से मान्य रीति-रिवाजों का पालन नहीं
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