इसे कहते हैं प्रेम
कभी-कभी मन सोचता है कि कहीं धरा और अम्बर की चिर से अनादि काल तक की पावन प्रेम कथा दूरियों
Read Moreकभी-कभी मन सोचता है कि कहीं धरा और अम्बर की चिर से अनादि काल तक की पावन प्रेम कथा दूरियों
Read Moreबहुत दिनों बाद मेरे सामने वाला फ्लैट किराए पर लगा! सभी फ्लैट वासियों के साथ साथ मुझे भी खुशी और
Read Moreघने कोहरे को चीर किरण मन में नव आस जगाई जीवन के कोहरे भी छट जाएंगे जग को नित पाठ
Read Moreनव वर्ष है आई ************ शहर सज गए नव वधु जैसे गूंज उठी शहनाई इठलाती बलखाती देखो नव वर्ष है
Read Moreगांव वाले चाचा की बेटी का निमंत्रण कार्ड जैसे ही आया मैं तो उछल पड़ी…. मन ही मन स्वप्न बूनने
Read Moreजय माता दी ************ दया करो माँ अम्बे भवानी ******************** बुद्धि के पट बन्द पड़े हैं शत्रु सशस्त्र द्वार खड़े
Read Moreमैं हूँ अग्नि ******* मैं हूँ अग्नि ऐ हवा तुम संतुलित बह दिये में बाती बन जलूंगी करूंगी मैं आँगन
Read Moreअगली पीढ़ी के लिए **************** यकीं कर राहों पर जब स्वयं बढ़ते हैं कदम लक्ष्य की तरफ तब पीछे
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