कहानी – ग्रहण
सेठानी ने सेठजी से पूछा -” खाना खा लिया। “सेठजी गल्ले की चाभी दराज में रखते हुए बोले – ”
Read Moreसेठानी ने सेठजी से पूछा -” खाना खा लिया। “सेठजी गल्ले की चाभी दराज में रखते हुए बोले – ”
Read Moreबहुत समय हुआ जब से वे लोगों को प्रणाम करना भूल गए हैं। इसके पहले वे बहुत व्यहवारिक थे। हमेशा
Read Moreसुबह जरूरतों की फेहरिस्तलेकर घर से निकलता हूँकुछ ना कुछ कोई ना कोई जरूरतरोज मुँह बाए खड़ी रहती हैसुबह के
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