मानवता का धर्म निभाना
जिसने मानवता बिसरादी,वह हैवान कहाता है।मानवता का धर्म निभाना,ही ईमान कहाता है। नित तकरार मचाते रहना , छोटी छोटी बातों
Read Moreजिसने मानवता बिसरादी,वह हैवान कहाता है।मानवता का धर्म निभाना,ही ईमान कहाता है। नित तकरार मचाते रहना , छोटी छोटी बातों
Read Moreदिनांक 4 जून 2025 आर्य कन्या पाठशाला इंटर कॉलेज बादशाह नगर लखनऊ में समरकैम्प के अंतर्गत कविता एवं कहानी लेखन
Read Moreअप्रैल का महीना और गर्मी का ये आलम ,शीला का गर्मी के मारे बुरा हाल था।”सुनो जी ! मुझसे अब
Read Moreधरणी का श्रंगार विटप हैं, द्रुम दल मही सजाना है।भू संरक्षण करना होगा जीवन अगर बचाना है। यही महीरुह लहरा
Read Moreहे आर्य पुत्र तुमने भारत का गौरव मान बढ़ाया है।सिंदूर की ताकत क्या होती नापाको को बतलाया है। सिंदूर मिटाने
Read Moreमाना अनेक बाधाएं हैं चट्टान तोड़ते बढे चलो।आतंकी सर जितने आएं,गर्दन मरोड़ते बढे चलो। जिन आतंकी मस्तिष्को में ख़ूनी विचार
Read Moreसंतुलन समझ गतिविधि विचार, की पूर्ण चाँदनी खिलती है |भावों के गहन सिंधु में तब,उत्ताल तरंगे उठती है | पाना
Read Moreचैत्र महीना प्रकृति के लिएअनुपम उपहार है। छह ऋतुओं में बसंत ऋतु की महक इसी मास में सबसे अधिक होती
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