उसका ज़ब्त (सबर) टूट गया
कश्मीर की सर्द हवाओं में चिनार के शुष्क पत्ते तैर रहे थे। दस साल दस लंबे और तवील साल ज़ोहरा
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Read Moreभारतीय लोकतंत्र का आधार विविधता, सहअस्तित्व और विचार-विमर्श की समृद्ध परंपरा रही है। लेकिन दुर्भाग्यवश, हाल के वर्षों में राजनीतिक
Read More“ज़िंदगी और कुछ भी नहीं… बस एक रंगमंच है, जहाँ हम सब महज़ अदाकार हैं। हमें अपना-अपना किरदार निभाकर एक
Read Moreपितृ पक्ष भारतीय संस्कृति का वह स्वर्णिम काल है, जो हमें हमारी जड़ों और पूर्वजों के प्रति अटूट कृतज्ञता का
Read Moreहिंदी केवल अक्षरों का समुच्चय या व्याकरण के नियमों में बंधी कोई व्यवस्था नहीं है बल्कि यह हमारे भीतर धड़कते
Read Moreज़िंदगी वाक़ई एक ऐसा अनसुना सफ़र है, जिसका न कोई तयशुदा नक़्शा है और न ही यह मालूम है कि
Read Moreहिंदी हैं,हम, हम वतन है हिंदुस्तां हमारा है,महक रहा विश्व भर में गान ये हमारा है।हमारी मातृभाषा की महिमा अपरंपार
Read Moreलोग अक्सर यह समझते हैं कि इश्क़ सिर्फ़ वादों की छांव में, क़समें खाने में और साथ उम्र बिताने के
Read More“तुमने अभी देखा ही क्या है??”—यह महज़ एक सवाल नहीं, बल्कि एक तर्जुमा है उस लंबी और कठिन यात्रा का
Read Moreधड़कनों में गूंजती है ज़बान हमारी शान है,हिंदी अपनी मातृभाषा, देश की पहचान है। सरहदों को चीरती जो भाव का
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