पहाड़ी ढलान का आख़िरी सूरज, अधूरे ख़्वाब का हमसफ़र
गाड़ी के रुकते ही धुएँ का एक भारी गुबार खिड़की के टूटे हुए शीशे से अंदर दाखिल हुआ। बस के
Read Moreगाड़ी के रुकते ही धुएँ का एक भारी गुबार खिड़की के टूटे हुए शीशे से अंदर दाखिल हुआ। बस के
Read Moreदो ज्योतियाँ जगी थीं, भारत के भाल पर,एक राह सत्य की, एक स्वाभिमान पर।एक ने अहिंसा से, तोड़ा था अहंकार,दूजे
Read Moreट्रेन के डिब्बे में लोगों की चहल-पहल थी, पटरियों पर लोहे के टकराने की गड़गड़ाहट और बाहर गुज़रते हुए मंज़र…
Read Moreआसमान में छाए घने, काले-कजरारे बादल और दूर उफनती आकाशीय बिजली जहाँ एक ओर प्रकृति के रौद्र रूप का संकेत
Read Moreइश्क़, प्यार और मोहब्बत,ये महज़ अल्फ़ाज़ नहीं, बल्कि इंसानी ताल्लुक़ात और एहसासात का वो हसीन समंदर हैं जिसकी गहराई को
Read Moreएलबम का पन्ना जब भी पलटता है, तो सिर्फ़ एक तस्वीर सामने नहीं आती, बल्कि बीता हुआ पूरा ज़माना मुस्कुराकर
Read Moreमानव सभ्यता इतिहास के सबसे समृद्ध दौर से गुज़र रही है। हमारे पास तकनीक है, गति है, चिकित्सा के आधुनिक
Read Moreश्रीनगर के एक कॉलेज में पढ़ने वाले ज़ुबैर और नूरीन एक-दूसरे से बेपनाह मोहब्बत करते थे। पम्पोर के केसर के
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