‘एक्स-हसबैंड’
ज़ोया और राकेश की मुहब्बत के किस्से कभी स्कूल की तंग गलियों और कॉलेज के उन नीम के पेड़ों के
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Read Moreमुस्लिम समाज में ‘शाह’ शब्द केवल एक कुल-नाम या उपनाम नहीं है, बल्कि यह एक ‘लक़ब’ (पदवी) है जो गौरवशाली
Read Moreहमारी स्मृतियों की नदी जब बहती है, तो वह केवल शब्दों को नहीं, बल्कि एक पूरे कालखंड को जीवंत कर
Read Moreसोशल मीडिया पर शब्दों की भीड़ है, पर असली मोती वही हैं जो दिल से निकलते हैं। प्रश्न,,डॉ. शाह जी
Read Moreभारतीय संगीत के फलक पर सात दशकों तक अपनी आवाज़ की जादूगरी बिखेरने वाली सुरों की मलिका, आशा भोंसले (आशा
Read Moreउससे मेरी मुलाक़ात कोई बहुत पुरानी न थी, और न ही उसे मुकम्मल तौर पर ‘नई’ कहा जा सकता था।
Read More”वो चेहरा… महज़ एक चेहरा नहीं था, बल्कि मेरे दिल की पूरी ज़मीन का मरकज़ , यानी केंद्र बन गया
Read More“गा लो, मुस्कुरा लो, महफिलें सजा लो, क्योंकि जीवन की डोर बड़ी कमजोर है” यह पंक्तियाँ मात्र शब्द नहीं बल्कि
Read Moreन रोक ए हम नवा अब मेरे आंसू,आंखों से ये समन्दर तो निकल जाने दे।जुल्फों की घनी छाओं की चाहत
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