हमारे ताल्लुक़ का वज़न
हमें इतनी फुर्सत कहां थी कि हम चले ही आते मुश्ताक़।तुमने हमें ना बुलाकर हाले दिल अपना बयां कर ही
Read Moreहमें इतनी फुर्सत कहां थी कि हम चले ही आते मुश्ताक़।तुमने हमें ना बुलाकर हाले दिल अपना बयां कर ही
Read Moreचेहरे पर मेरे अपनी जुल्फ़ों को गिराया उसने ,आतिशे शोक़ को मेरे और बढ़ाया उसने ।ताल्लुक़ तो कुछ भी गहरानहीं
Read Moreदिल की गहराई मेंजब कोई उतर जाता है ,सच कहता हूँ मैं , जीने काअंदाज़ बदल जाता है ।मेरे सरकार
Read Moreशरीर की स्वस्थता , उपचार एवं सुधार के लिए व्यायाम अत्यंत आवश्यक है । यह हड्डियों को मजबूत बनाता है
Read Moreयोगा भी एक पुराना हुनर है, एक फ़न है। वादिए शिंद की तहज़ीब की तलाश में एक खुदाई के दौरान
Read Moreरोशनी कुछ इस तरह आजकल मेरे घर में हुआ करतीं हैंख़ून की बूंदें,बनकर अश्क आंखों से गिरा करती हैंजब भी
Read Moreबेवफ़ाई उसने मुझसे की है ,और कोई तो बात नहीं है।तुम बुलाओ और मैं न आऊं ,ऐसी तो कोई बात
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