Author: नीला सूद

धर्म-संस्कृति-अध्यात्म

रीति-रिवाजों का भ्रम: क्यों असली ‘श्राद्ध’ केवल जीवितों के लिए है

आज की इस भागदौड़ भरी आधुनिक दुनिया में, परिवारों के भीतर रिश्तों का एक अदृश्य संकट गहराता जा रहा है।

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धर्म-संस्कृति-अध्यात्म

क्या प्रार्थना केवल आत्मा का विषय है, या आत्मा और शरीर दोनों का?

प्रार्थना किसी भी धर्म का हृदय होती है। भारत विभिन्न धर्मों और संप्रदायों की भूमि है। इसलिए, यह स्वाभाविक है

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