कविता – बाल श्रम
जब देखती हूँ किसी छोटे बच्चों को श्रम करते , मन अंदर से दुखी हो उठता यह कैसी विडम्बना ,
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Read Moreदेश की रक्षा करना हमारा कर्तव्य है इसकी खातिर प्राण भी जाएं कोई दुख नहीं है हम नौजवान है मनमौजी
Read Moreऋचा और मनोज की मुलाकात कॉलेज में हुई दोनों ही एक ही क्लास बी,कॉम की तीसरी साल की पढ़ाई कर
Read Moreप्रभु तेरी साधना करूँ कैसे, संसार के मोह जाल निकलूँ कैसे, सबके लिए है वक्त मेरे पास, भक्ति के लिए
Read Moreमैं गृहणी हूँ घर परिवार की धुरी हूँ सब समस्याओं को हल करती हूँ दुख,दर्द में भी धैर्य रखती हूँ
Read Moreमन के अंधरे को मिटाकर ज्ञान का दीप जलाएं मिट जाए दिल से सब नफरत प्रेम का भाव जगाएं खुशी
Read Moreरीना के पिता बचपन में ही गुजर जाने की वजह से रीना की माँ ने सिलाई का काम शुरू किया|
Read Moreफिर से लो राम अवतार, कलियुग में फिर रावण हो गए| अराजकता का राज जग में, झूठ का बोलबाला हो
Read Moreप्राचीन अपना सनातन धर्म है कई धर्मो का यहाँ समागम है ईश्वर पर इसका अपना विश्वास है कई राहों का
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