गीतिका/ग़ज़ल प्रीती श्रीवास्तव 28/09/2021 ग़ज़ल बैठकर आराम करने को जी चाहता है। ठंडी छांव में शाम करने को जी चाहता है।। आँखों में आँखें डालकर Read More
गीतिका/ग़ज़ल प्रीती श्रीवास्तव 22/08/2021 ग़ज़ल काँटों के बीच रहते गुलाबों की बात कर। इस रात तीरगी में सितारों की बात कर।। करके खता शरीफ बतातें Read More
गीतिका/ग़ज़ल प्रीती श्रीवास्तव 21/07/2021 ग़ज़ल साथ तेरा अगर नही होता। तो ये आसां सफर नही होता।। जो नही आफ़ताब होता तो। यूं चमकता क़मर नही Read More
गीतिका/ग़ज़ल प्रीती श्रीवास्तव 18/06/2021 ग़ज़ल छोड़कर जब अना तू उभर जायेगा। बन के इन्सां तू बेशक संवर जायेगा।। करके आँखों को तू बंद कर ले Read More
गीतिका/ग़ज़ल प्रीती श्रीवास्तव 21/05/2021 ग़ज़ल भूलकर दर्दो गम मिलने आओ कभी। अपने भी दिल की हालत बताओ कभी।। याद आती नही अब हमारी तुम्हें। साथ Read More
गीतिका/ग़ज़ल प्रीती श्रीवास्तव 24/04/2021 ग़ज़ल मुस्कुरा कर प्यार का इजहार कर। इश्क है हमसे जरा इकरार कर।। तू निगाहों को मिला हमसे जरा। बातें तो Read More
गीतिका/ग़ज़ल प्रीती श्रीवास्तव 26/03/2021 ग़ज़ल दिल नही बस में शरारत देखकर। रंग लिया खुद को मुहब्बत देखकर।। शर्म से चहरा हुआ रूखसार ये। आइने में Read More
गीतिका/ग़ज़ल प्रीती श्रीवास्तव 16/02/202117/02/2021 ग़ज़ल दर्द आँखों ने कह दिया होगा। जब जिक्र प्यार का हुआ होगा।। याद आये होंगे उसे जब तुम। अश्क आँखों Read More
गीतिका/ग़ज़ल प्रीती श्रीवास्तव 24/01/2021 मुकर गया वो कहकर भी यारों मुकर गया वो। वादा खिलाफी मुझसे कर गया वो।। ताउम्र जलती रही शम्मा मगर। जमाने के डर Read More
गीतिका/ग़ज़ल प्रीती श्रीवास्तव 28/11/2020 ग़ज़ल देकर दगा यूं मुहब्बत में फिर गया कोई। किये थे वादे मगर बेवफा हुआ कोई।। गली गली में वो बदनाम Read More