लोकतंत्र के लिए एक काला अध्याय है पाकिस्तान का 27वां संशोधन
संवैधानिक संशोधन लोकतंत्र की आत्मा होते हैं, जो समय के साथ बदलती चुनौतियों का सामना करने के लिए ढांचे को
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Read Moreसुप्रीम कोर्ट द्वारा स्कूलों में छात्राओं को निःशुल्क सैनिटरी पैड उपलब्ध कराने और मासिक धर्म स्वच्छता को अनिवार्य करने संबंधी
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Read Moreआज 1 फरवरी 2026 को संसद में पेश केंद्रीय बजट 2026 ने एक बार फिर साबित कर दिया कि सरकार
Read Moreआज के समय में यदि कोई सबसे जोखिम भरा सामाजिक कार्य है, तो वह है—किसी को रिश्ते की बात कहना।
Read Moreवेदों की चर्चा बहुत, मंचों पर दिन-रात।भूखे की पीड़ा पढ़ो, समझो हुआ प्रभात॥ ग्रंथों से ऊँची हुई, भाषण की हर
Read Moreआज जब हम पूजा, परंपरा और श्रद्धा की बात करते हैं, तो अक्सर भूल जाते हैं कि धर्म का मूल
Read Moreभारत के ग्रामीण समाज में महिला सशक्तिकरण, पोषण और स्वास्थ्य काफी हद तक आशा और आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं पर निर्भर करता
Read Moreकवि ही मंच है,कवि ही माइक,कवि ही तालियाँ,कवि ही श्रोता। कवि ही किताब ख़रीदता,कवि ही कवि को बुलाता,और सम्मान—आपस में
Read Moreभारत के गणतंत्र की, ये कैसी है शान।भूखे को रोटी नहीं, बेघर को पहचान॥ सब धर्मों के मान की, बात
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