दोहा
कविता के बाजार में, बिकती झूठी शान।सच्चे शब्दों की यहाँ, कौन करे पहचान॥ तुकों की चकाचौंध में, खोया गहरा भाव।शब्द
Read Moreद्वितीय विश्व युद्ध की समाप्ति के बाद 1945 में जब संयुक्त राष्ट्र (United Nations) की स्थापना हुई, तब विश्व की
Read Moreरूठो चाहे उम्र भर, रख लो लाख मलाल।अपनों के सँग मत कभी, चलना कुटिल कुचाल॥साथ न चलना हो चले, अपनी-अपनी
Read Moreप्रकृति जब अपना रौद्र रूप दिखाती है, तब वह मनुष्य की तकनीकी उपलब्धियों, आर्थिक प्रगति और प्रशासनिक दावों की वास्तविक
Read Moreनन्हे हाथों में बल्ला है,आँखों में अरमान।आँगन ही बन गया आज,सपनों का मैदान॥ हँसी-ठिठोली, दौड़-भाग,मस्ती की भरमार।जीत-हार से दूर हैं,प्यारा
Read Moreधरती डोली एक पल, काँपे घर-दरबार।रोया सारा देश फिर, टूटा जन-आधार॥ मलबों में दबते रहे, कितने सपने-प्राण।भाषण देते रह गए,
Read Moreस्वास्थ्य किसी भी राष्ट्र की सबसे महत्वपूर्ण पूँजी है। आधुनिक चिकित्सा विज्ञान ने रोगों के उपचार में अभूतपूर्व प्रगति की
Read Moreसबके मन में दर्द है, सबकी अपनी पीर।हँसते चेहरे ढाँपते, भीतर की तस्वीर॥ धूप मिली तो क्या हुआ, छाया भी
Read Moreधैर्य धरो विपदा घड़ी, रखो हृदय में आस।पतझड़ के ही बाद तो, आता है मधुमास॥ घोर अँधेरा देखकर, होना नहीं
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