Author: *डॉ. प्रियंका सौरभ

स्वास्थ्य

प्रकृति, पैसा और स्वास्थ्य: एक संतुलित दृष्टि

आज के दौर में स्वास्थ्य को लेकर हमारी सोच तेजी से बदली है। आधुनिक जीवनशैली, तकनीक, महंगी चिकित्सा सुविधाएँ और

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राजनीति

वर्दी का सौदा : जब कानून ब्लैकमेल की भाषा बोलने लगे

हरियाणा पुलिस की एक महिला इंस्पेक्टर का निलंबन महज़ एक प्रशासनिक कार्रवाई नहीं है, बल्कि यह उस सड़ांध की ओर

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राजनीति

जब संसद ही मर्यादा तोड़े, तो आचार-संहिता किसके लिए?

आज भारतीय संसद की कार्यवाही ने लोकतंत्र की उस बुनियादी शर्त पर गहरे प्रश्नचिह्न खड़े कर दिए हैं, जिसे हम

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सामाजिक

मेलों में मौत के झूले : खुशी के टिकट पर बिकती ज़िंदगी

हरियाणा के सूरजकुंड अंतरराष्ट्रीय मेले में झूला टूटने की घटना ने एक बार फिर साबित कर दिया कि हमारे यहाँ

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राजनीति

जाति, न्याय और लोकतंत्र : एक असहज सच्चाई

भारत का लोकतंत्र केवल एक शासन प्रणाली नहीं, बल्कि एक नैतिक संकल्प है—समानता, न्याय और बंधुत्व का। संविधान की प्रस्तावना

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राजनीति

लोकतंत्र के लिए एक काला अध्याय है पाकिस्तान का 27वां संशोधन

संवैधानिक संशोधन लोकतंत्र की आत्मा होते हैं, जो समय के साथ बदलती चुनौतियों का सामना करने के लिए ढांचे को

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सामाजिक

मासिक धर्म और सैनिटरी पैड: स्कूलों में गरिमा की परीक्षा

सुप्रीम कोर्ट द्वारा स्कूलों में छात्राओं को निःशुल्क सैनिटरी पैड उपलब्ध कराने और मासिक धर्म स्वच्छता को अनिवार्य करने संबंधी

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