विफल करें हर चाल
झूठी-साज़िश गढ़ रहे, , फैलाएँ भ्रम-जाल।सजग रहे जन-गण सभी, विफल करें हर चाल॥ सदा देश की एकता, इनको अखरे पार्थ।भेदभाव
Read Moreझूठी-साज़िश गढ़ रहे, , फैलाएँ भ्रम-जाल।सजग रहे जन-गण सभी, विफल करें हर चाल॥ सदा देश की एकता, इनको अखरे पार्थ।भेदभाव
Read Moreडिजिटल क्रांति ने संचार और अभिव्यक्ति की दुनिया को पूरी तरह बदल दिया है। आज एक स्मार्टफोन और इंटरनेट कनेक्शन
Read Moreसेपेड़ लगाना ही नहीं, रखना भी है ध्यान।जल देकर जीवन मिले, छेड़ो ये अभियान।। पाँच जून के दिन सभी, लें
Read Moreकोयल जब भी बोलती, मचता बड़ा बवाल।झूठे शोरों को लगे, जैसे कुछ जंजाल।। सच की मीठी बात से, क्यों इतना
Read Moreशिक्षा थी संस्कार की, ज्ञान-ज्योति का धाम।अब बाजारों में बिके, उसका पावन नाम।। विद्यालय के द्वार से, घटता अब विश्वास।कोचिंग
Read Moreभारत में शिक्षा को सदियों से ज्ञान, संस्कार और सामाजिक परिवर्तन का माध्यम माना गया है। शिक्षक को समाज में
Read Moreरील-शोहरत का लगा, अब तो ऐसा रोग।लाज-शरम सब बेचते, वाह-वाह के लोग।। लाइक-शेयर की भूख में, बेच रहे संस्कार,प्रसिद्धि की
Read Moreलोकतंत्र की सबसे बड़ी शक्ति जनमत होता है। यह जनमत किसी एक दिन या एक चुनाव के दौरान निर्मित नहीं
Read Moreभारत में किसी बस स्टॉप पर खड़ी स्त्री का दृश्य सामान्य प्रतीत हो सकता है, लेकिन यदि हम उसे थोड़ा
Read Moreअख़बारों में कुछ बचा, ज़िंदा ज़मीर आज।तारीख़ और वार का, रखते जो अंदाज़।। मौत ज़मीरों की हुई, कैसी उठी पुकार।सच
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