शिक्षण संस्थानों में फूहड़ मनोरंजन : शिक्षा और मर्यादा पर बढ़ता राष्ट्रीय प्रश्न
विद्यालय किसी भी राष्ट्र की आत्मा का निर्माण करते हैं। यही वे स्थान हैं जहाँ से समाज की दिशा तय
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Read Moreगलगोटिया यूनिवर्सिटी में रोबोडॉग के प्रदर्शन से जुड़ा हालिया विवाद सोशल मीडिया और मुख्यधारा मीडिया में व्यापक चर्चा का विषय
Read Moreभूख हर एक शाम तक पहुँची,पर न रोटी ही थाल तक पहुँची। सिंहासन चढ़ते रहे चेहरे सब,भूख क्यों नीलाम तक
Read Moreवैश्विक मीठे जल संकट: उपलब्धता और पहुँच की दोहरी चुनौती आज विश्व जिस सबसे गंभीर संसाधन संकट का सामना कर
Read Moreमनुष्य सब कुछ बन जाता है,पर मनुष्य ही रह न पाता,दुनिया की इस भीड़ में अक्सरखुद से ही दूर हो
Read Moreहरियाणा की धरती परंपरा, परिश्रम और हुनर की अनमोल विरासत से समृद्ध रही है। यहाँ के गाँव केवल कृषि तक
Read Moreआज का समय गति का है। सुबह आँख खुलते ही मोबाइल स्क्रीन चमकने लगती है, सूचनाओं की बाढ़ हमारे भीतर
Read Moreबांग्लादेश के हालिया आम चुनावों में बांग्लादेश राष्ट्रवादी पार्टी (बीएनपी) ने तारिक रहमान के नेतृत्व में प्रचंड बहुमत के साथ
Read Moreसमाज में कुछ धारणाएँ इतनी गहरी पैठ बना लेती हैं कि वे सवालों से परे सत्य मान ली जाती हैं।
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