Author: *डॉ. प्रियंका सौरभ

सामाजिक

पितृसत्ता की कीमत अदा कर रहे हैं कुंवारे बेटे

भारत में विवाह केवल दो व्यक्तियों का निजी संबंध नहीं होता, बल्कि वह समाज की सामूहिक चेतना, नैतिकता और सत्ता-संरचना

Read More
शिक्षा एवं व्यवसायसामाजिक

स्कूल के बाहर खड़ी आधी आबादी : जब बेटियाँ बीच रास्ते लौट आती हैं

भारत में लड़कियों की स्कूली शिक्षा की कहानी आज़ादी के बाद के विकास‑वृत्तांत की सबसे जटिल और मार्मिक कड़ी है।

Read More