Author: *डॉ. प्रियंका सौरभ

राजनीति

जी राम जी: ग्रामीण भारत में विश्वास और उम्मीद

भारत की राजनीति में विश्वास केवल एक शब्द नहीं, बल्कि जन-धारणाओं और नीतिगत परिणामों का प्रतिफल है। ‘विकसित भारत–जी राम

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पर्यावरण

पर्यावरण संकट : नीतियों से नहीं, नागरिक चेतना से बचेगी प्रकृति

पर्यावरण संरक्षण की बहस अक्सर एक सुविधाजनक दिशा में मोड़ दी जाती है—सरकारें नीतियाँ नहीं बनातीं, मंत्रालय निष्क्रिय हैं, क़ानून

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राजनीति

भिवानी से इंकार, हमको चाहिए जिला हिसार : सिवानी की एक दशक पुरानी, न्यायसंगत पुकार

लोकतांत्रिक व्यवस्था में प्रशासनिक सीमाएँ पत्थर की लकीर नहीं होतीं। वे जनता की सुविधा, सामाजिक-आर्थिक वास्तविकताओं और क्षेत्रीय संतुलन के

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राजनीति

हांसी : इतिहास के केंद्र से हाशिये तक और फिर जिले की दहलीज़ पर

इतिहास कभी अचानक नहीं बदलता, वह धीरे-धीरे करवट लेता है। हरियाणा की प्राचीन नगरी हांसी इसका जीवंत उदाहरण है। एक

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राजनीति

संसद का अवरुद्ध स्वर और लोकतंत्र की कसौटी

भारतीय संसद लोकतंत्र की आत्मा मानी जाती है। यही वह मंच है जहाँ जनता की विविध आकांक्षाएँ, असहमतियाँ और अपेक्षाएँ

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