जनस्वास्थ्य पर बाजार का बढ़ता कब्ज़ा
भारत जैसे विशाल और विविधतापूर्ण देश में सार्वजनिक स्वास्थ्य केवल चिकित्सा सेवा का प्रश्न नहीं, बल्कि सामाजिक न्याय, आर्थिक समानता
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Read Moreआज का समय अभिव्यक्ति का समय है। सोशल मीडिया, ब्लॉग, डिजिटल मंच और स्वयं-प्रकाशन के साधनों ने हर व्यक्ति को
Read Moreभारतीय लोकतंत्र में असहमति व्यक्त करने के तरीके समय के साथ बदलते रहे हैं। कभी स्वतंत्रता आंदोलन के दौरान सत्याग्रह
Read Moreबूँद-बूँद से सिंधु है, बूँदों से संसार।जल बिन सूना ये जगत, जल से ही उद्धार॥ सूखे नद-नाले सभी, प्यासा हुआ
Read Moreदेश में जब भी पेट्रोल और डीज़ल की कीमतें बढ़ती हैं, तब अचानक सरकारों, अधिकारियों और नेताओं को “ईंधन बचत”
Read Moreभारत इस समय भीषण गर्मी के दौर से गुजर रहा है। हर वर्ष तापमान नए रिकॉर्ड बना रहा है। मौसम
Read Moreभारत जैसे विकासशील देश में शिक्षा को हमेशा राष्ट्र निर्माण का सबसे बड़ा माध्यम माना गया है। हम अक्सर यह
Read Moreनन्हा बच्चा खेल रहा,हँस-हँस कर वो झूम रहा,लाल पैंट और प्यारी शर्ट,सबको कितना भा रहा।नन्हा बच्चा खेल रहा,हँस-हँस कर वो
Read Moreभारत के सर्वोच्च न्यायालय की हालिया टिप्पणी केवल एक कानूनी अवलोकन नहीं है, बल्कि भारतीय समाज की उस गहरी मानसिकता
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