गाँव पेटवाड़ का लाल : जस्टिस सूर्यकांत की यात्रा देश के 53वें मुख्य न्यायाधीश तक
मेरे पति डॉ. सत्यवान सौरभ के साहित्यिक गुरु पंडित मदन गोपाल जी अब इस भौतिक संसार में नहीं हैं, लेकिन
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Read Moreभारत जैसे विशाल और विविध सामाजिक ढाँचे वाले राष्ट्र में व्यक्ति के अधिकार और समाज की सामूहिक मर्यादाएँ एक-दूसरे से
Read Moreभारत एक ऐसे दौर से गुजर रहा है, जहाँ आतंकवाद का स्वरूप बदलकर और भी जटिल और खतरनाक हो चुका
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Read Moreभारत आज उभरती वैशिक अर्थव्यवस्था का महत्त्वपूर्ण केंद्र बन रहा है और इसी आकांक्षा के साथ वह अपनी मुद्रा—भारतीय रुपये—को
Read Moreहर युग में कुछ आवाज़ें होती हैं जो भाषण नहीं देतीं, आंदोलन नहीं चलातीं, बस चुपचाप लिखती हैं — और
Read Moreसमाज परिवर्तन की सबसे कठिन, सबसे लंबी और सबसे महत्त्वपूर्ण यात्रा हमेशा अपने मूल में उन छोटे-छोटे बीजों से शुरू
Read Moreसच बेच दिया—मोल लगा कर,कलम टाँग दी दीवारों पर।अख़बारों की जेबें भारी,जनता लुटी बाज़ारों पर। “स्वतंत्र” शब्द अब खोखला-सा,सत्ता की
Read Moreभारत विश्व का सबसे बड़ा लोकतंत्र है, जहाँ शासन की असली शक्ति जनता के हाथों में निहित मानी जाती है।
Read Moreहर वर्ष 14 नवम्बर को भारत में बाल दिवस बड़े हर्षोल्लास के साथ मनाया जाता है। यह दिन स्वतंत्र भारत
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